अंशुमन की सीख

अंशुमन बोलना सीख रहे हैं, समय के साथ मैं ये भूल जाऊंगी की उन्होंने कौन से शब्द को कैसे बोलना शुरू किया इसलिए ये जरूरी है कि इस प्यारी याद को मैं लिख कर स्थायी कर दूँ। बोली कि तस्वीर नहीं ले सकते उसको रिकॉर्ड कर सकते हैं लेकिन रिकॉर्ड करने जाती हूँ तो अंशुमन मोबाइल पकड़ के टच की काबिलियत सीखने लगता है।

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नीला है चंद्रमा

नीला है चन्द्रमा

मतभेदों के बावजूद भी फिक्र रहती है
वो आएगी तो क्या खाएगी,
बिस्तर ठीक तो है ,
कमरा थका तो नहीं लग रहा
सोचती रहती है
अपने स्तर पर ।

तुम्हारे आराम की परवाह करेगी
बिना अपनी सोचे हुए
बस लिए एक इच्छा
की छोटी सी तारीफ आये।

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हल्की ठंड में

हवा में हल्की ठंडक आ चुकी है । हम अभी अभी विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मशीनों की पूजा कर आये।थोड़ी देर से हुई, मैं ऑफिस में थी और मुझे भी साथ जाना था।

हवा की हल्की ठंडक मुझे दशहरा और दीवाली
याद दिलाते हैं। खूब सजधज कर यहाँ शॉल लपेटने की जरूरत नहीं पड़ती, बिहार में पड़ती थी।

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साबूदाना खीर

तब मेरे पास स्मार्ट फोन नहीं था, किसी के पास नहीं था। कैमरा कोडक का था। जिसमें रील तब ही भरते थे जब कहीं बाहर जाते थे या किसी का जन्मदिन , कोई अन्य पार्टी होती थी। डिजिकैम भी दादी माँ के रहते आ गया था। लेकिन हमारे पास नहीं आया था ।मैंने सोचा भी नहीं कभी । वो कोई कमी थोड़े थी।

मैं तो गहना बेटा थी, दादी माँ फटाफट बाड़ी से जाकर भिंडी तोड़ती थी, चट से कड़ाही में भूज कर गरम रोटी के साथ देती थी। भिंडी पकी भी रहती थी, हरी भी रहती थी। किसी को दिखा नहीं सकती रेटिना में है, निकालने की तकनीक डेवेलप होगी तो देखूंगी।

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बेटा अभिज्ञान – भाग 2

इसको जी भर के शार्पनर कटर पेंसिल रबर
यूज़ करने देती हूँ।
जा जी भर छील जितने छिलने हैं ,
डॉम्स नटराज अप्सरा के रंग रोगन वाली
ग्रेफाइट की डंडियाँ ।

मैं किसी खास दिन के लिए नहीं बचाऊंगी ,
क्योंकि आज़ादी को वैसे भी सत्तर साल हो गए हैं
और मूल भूत सुविधाओं में तुझे
जब मर्ज़ी चॉकलेट खाने की आज़ादी दी गई है।

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मोक्ष प्रश्नोत्तरी

किसी एक जन्म के रिश्तों में ही
कुछ हिसाब बराबर करने जैसा
अटका के न रखें
तो मोक्ष मिल जाता होगा?

हाँ सौ टका मिल जाता होगा।

सिद्धार्थ को कैसे मिला होगा?

यशोधरा से माफी मांग कर।

किंचित।

और यशोधरा को कैसे मिला होगा?

वो औरत थी, उसका प्रामाणिक इतिहास नहीं है।

तो मतलब नहीं मिला होगा?

कह नहीं सकते, पर उसने ,क्षमा कर दिया था।

क्यों इसका क्या प्रमाण?

बुद्ध का निर्वाण।

तुम्हारे मत से बवाल होगा। तर्क संगत नहीं लगता?

क्यों नहीं लगता

साधू को गति,धर्मी कर्मी से मिलती है।एक स्त्री उसमें भला क्या कर सकती है।

पर गंगा तो जन्म देकर सात वसुओं को मोक्ष देती है।

गंगा तो माँ है!

स्त्री नहीं है?

अरे मतलब।

क्या?

ठीक है यशोधरा को मोक्ष मिला होगा।

कैसे?

स्त्रीत्व की सम्पूर्णता का भान कर के।

अब ये क्या है?

सर्व विदित है कि गौरी दैव्यै नम:।

00:58 29 अगस्त 2018

गौरैया फुदकती है – बाल कविता

गौरैया फुदकती है
चुनमुन चिरैया चहकती है
धीरे धीरे दाना डालो
सुबह सुबह क्यों जल्दी है
गौरैया फुदकती है।

कबूतर बनाये घोंसला
ले तिनके का हौंसला
चोंच दबाए उड़ते है,
डक्ट में चौकस रहते हैं,
स्लेटी पंख लाल आँखें
देखो कैसे अकचक ताकें
वहाँ दो बच्चे बैठकर
खाना मांगे चोंच पर
बच्चा खाये कौर कौर
मम्मी पूछे बेटा और?

गौरैया फुदकती है
चुनमुन चिरैया चहकती है
धीरे धीरे दाना डालो
सुबह सुबह क्यों जल्दी है
गौरैया फुदकती है।

Pragya Mishra

– 26 अगस्त की शाम अंशुमन को ट्राई साइकल की सवारी कराते कराते जो हम दोनों देखते गए उसे मैं बोलती गयी और ये सुनते सुनते अंशुमन ने सोसायटी के राउंड्स लिये।