रंगों और फूलों की बातें

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रंगों औऱ फूलों की बात अक्सर कोमल प्रेम रस की कविताओं में ज़्यादा जचती है। लेकिन कभी-कभी हमारा परिवेश, आस पास होती घटनाएं, सामाजिक उथल पुथल , राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर संवेदनाओं को झकझोरते समाचार हमको व्यक्तिगत प्रेम से आगे आकर “प्रेम” शब्द की महत्ता को बचाने के लिए भी रंगों औऱ फूलों की तरफ ही मोड़ता है।

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व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई जी की पुण्यतिथि आज

आइए याद करते हैं व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई जी को उनकी पुण्य तिथि पर। उनका निधन 10 अगस्त 1995 में हुआ था। परसाई जी ने व्यंग्य को लेकर नए कीर्तिमान रचे आपने व्यंग्य को हल्के-फुल्के होने के भाव से उठाकर नई पहचान दिलाते हुए लोकप्रिय बनाया।

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अदौड़ी-कुम्हरौड़ी क्या हैं तेरे काम

#आलू_अदौड़ी #कुम्हरौड़ी #तिलोड़ी #बिहारी #व्यंजन

अब यह भी कोई बात हुई कि तुम हर विषय पर लिखो ही, हाँ पर ये भी तो सोचो बताओगी नहीं तो किसी को पता कैसे चलेगा। हमारे देश में जितनी संस्कृतियाँ हैं उतने व्यंजन हैं और सबकी अलग अलग दास्तान , स्थानीय पहचान।

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चोलुटेका_नदी_का_पुल (मूल लेख का अनुवाद)

#चोलुटेका_नदी_का_पुल (मूल लेख का अनुवाद)

कोरोना आपदा के दौरान में हमने ऐसे क़ई प्रेरक लेख पढ़े हैं जिसने हमें नई दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया है।
मोटिवेशनल स्पीकर प्रकाश अय्यर (लेखक, वक्ता और नेतृत्व कोच, पूर्व एमडी किम्बर्ली क्लार्क लीवर) का लिखा यह लेख सोशल मीडिया पर प्रचलित हो रहा है। अकेले मुझे ही कई वाट्सप ग्रुप से आया।

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