शतदल

जो मराल मोती खाते हैं, उनको मोती मिलते हैं।

मैथिली कविताएँ

यह पृष्ठ मैथिल कवि मणिकांत झा जी की उन रचनाओं का सँग्रह है जो वे रचते हुए अपने परिवार वालों या मित्रों के साथ फेसबुक अथवा वाट्सप पर साझा कर रहे हैं।

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