शतदल

जो मराल मोती खाते हैं, उनको मोती मिलते हैं।

शतदल क्षणिकाएँ

योरकोट , केन्वा से लेकर तमाम प्लेटफार्म ने कम शब्दों में सुंदर चित्रों के साथ लेखक को अपनी बात रखने की आज़ादी दी है । क्षणिका विधा में प्रस्तुत हैं शब्द संयोजन शतदल के पटल पर।

जब कोई कहे बड़ी अनप्रेडिक्टेबल सी हो तुम
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