डायरी के झरोखे से

कुछ बोले
न सुनी
न सुनाई
धीरे से दे गए
अड़ोस की दुहाई!
कहे बिना जान जाते हो।
छुए बिना समाये जाते हो।
मुझे इंतेज़ार पे छोड़ने वाला ही
प्यार जताए जाते हो।

#प्रज्ञा