हवा में हल्की ठंडक आ चुकी है । हम अभी अभी विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर मशीनों की पूजा कर आये।थोड़ी देर से हुई, मैं ऑफिस में थी और मुझे भी साथ जाना था।

हवा की हल्की ठंडक मुझे दशहरा और दीवाली
याद दिलाते हैं। खूब सजधज कर यहाँ शॉल लपेटने की जरूरत नहीं पड़ती, बिहार में पड़ती थी।


लेकिन मुम्बई में भी समंदर और हमारे घरों के बीच
कई अट्टालिकाओं का फासला आ गया है  सम जलवायु खोने लगी है, ठंड ज्यादा लगने लगी है।

टहलते टहलते आलोक ने बताया ,इको गणेश आये थे,
अच्छी पहल रही। पेपर के बने थे। विर्सजन सोसाइटी में हो गया, समय और पर्यावरण दोनों बचाया ।दिमाग से काम लिया गया। धरती से प्यार खुद से प्यार करना है।

रात गहरा गयी है , कुत्ता भौंक रहा है ,कुत्ते भौंक रहे हैं
शायद नेशनल पार्क से कोई चीता फिरने आया होगा।
उस दिन सुबह तीन पैंतालीस,हमें डरा कर चेता कर
अपने रास्ते निकालने फिर आया होगा। हमने अब बाड़े ऊंचे कर लिए हैं खतरा बच्चों पर है इसलिए एहतियात तुरन्त लिया गया । एक दिन पीछे शाम चार बजे की ही
कुत्ते को खदेड़ कर खाने वाली तस्वीर आयी थी।

चीता जंगल में हिरन का शिकार नहीं कर रहा है!
शहर में आकर आराम पसन्द जानवर उठा रहा है
हिरन को कठिनाइयों की आदत है।उसके पीछे मेहनत है।
शहर का कुत्ता सुस्त है उसको खाना मिल रहा था
वो भागने और खुद को बचाने में हिरन जितना माहिर नहीं है।अटैक करने की जरूरत ही नहीं सीधे दबोच लिया गया।

इससे बच्चों पर खतरा बढ़ता है, चीता आदम खोर नहीं है
लेकिन बच्चा हिरन जितना बड़ा दिखता है। बाड़े बड़े कर दिए गए। कंटीले पाँच लाइन ऊपर अब आना आसान नहीं है।

इको गणेशा आये थे।

अच्छी पहल।

रौनक खत्म हो गयी ना।

नहीं देखिये हल्की ठंडक आ गयी है।

गरबा के रंग, साड़ियां, दीवाली भाई दूज ।
हल्की ठंड के साथ । इस बार छठ यही होगी ।

पापा नोट पैड में अभिज्ञान सिखाईये ।

हम्म और इसके एग्ज़ाम्स भी दशहरे के बीच आयेंगे, स्कूलों को न भारत की कद्र है न भारत के त्योहारों की।कम से कम पकवान बनाने देने के लिहाज़ से बच्चों के एक्ज़ाम न रखें जाएँ।

प्रज्ञा मिश्र