सप्ताहांत

ये सप्ताह कब शुरू होकर ख़त्म होने को आया पता

नहीं और एक शुक्रवार इतना लम्बा बीतता है कि जैसे

शनिवार न जाने कितने दिन बाद आया हो ।

फूँक मारिये दो दिन गायब , अजी मज़ा आता है

वीकेन्ड की दुनिया में।

वीकडे में ज़िन्दगी जीने का तरीका है या वीकेंड में

ज़िन्दगी जीने का मज़ा ये बात तय करना थोड़ी

मुश्किल हो जाती है।

ननद सुषमा दीदी के जन्मदिन पर

प्रिय सुषमा दीदी,

आपका सहनशील और जुझारू व्यक्तित्व बेहद पठनीय है क्योंकि यह परिवार के मद्देनजर जुड़ कर रहने के बारे में बहुत कुछ सिखाता है। साधारण व्यक्तित्व लेकिन हँसी ठिठोली की भी धनी सबकी प्यारी हैं आप। आपके जन्मदिन पर ढेर सारा प्यार।

यूनिवर्सल माँ के जैसी आँखें हैं आपकी जो सभी की तरफ एक ही करुणा से देखती हैं और समय पड़ने पर अपने बच्चों के बचाव में कड़क रुख कर लेती है।

एक बार जब हम सभी मलाड में एकत्रित हुए थे तब हल्के फुल्के लहज़े में जीजा जी ने एक बहुत बड़ी बात कही थी हँसते हँसते की : आप नींव हैं घर की जो ऊपर दिखाई नहीं देता पर घर उसी पर खड़ा होता है मज़बूती से।

आप बेहद अच्छी हैं। ईश्वर का आशीर्वाद है आपका बड़ी बहन के स्वरूप मिलना । आपके आगामी दिनों में अपार सुख समृद्धि और आराम की कामना है।

सप्रेम
(सारा परिवार)
मैं यहाँ सिर्फ अपना नाम नहीं लिख सकती क्योंकि सभी आपसे इतना प्रेम करते हैं कि अकेले क्रेडिट लेना ठीक नहीं 😍

भारतीय परिवार की कई औरतें सुपर वुमन हैं उनमें से हमारी सुषमा दीदी भी हैं। वैसे ये खुद को बेहद साधारण समझती हैं पर जो मैनेजमेंट स्किल्स इनके अंदर हैं उससे पूरा परिवार तरक्की करता है।

बसंत

बेहद खूबसूरती से चिड़ियाँ जगा गयी थी
सुबह होने से पहले आज सुबह हो गयी थी।
कहीं देर रात आँखों की नींद जा रही थी।
कहीं घन्टों मोबाइल धरे किसी की याद आ रही थी।
धीरे से भोर का भान करा कर वे
दिन साथ लिये जा रहे थे
बड़ी शालीनता से धरा के
झुरमुट केश हटाये दिवाकर
मुस्कराये जा रहे थे।

#फरवरी #रोज़डे

सुप्रभात