जब कोई व्यक्ति मुझे बुरा लगता है तो मैं सोचती हूँ कि ये किसी न किसी का तो मित्र होगा। मतलब कोई तो ऐसे होंगे जो इसे पसंद करते होंगे इसके साथ हैंगआउट करते होंगे, हँसते होंगे। मतलब इस व्यक्ति में भी कुछ बात किसी को तो अच्छी लगती होगी।

तो चलो मेरी नज़र से कभी और देखेंगे इस बुरे आदमी को इसके चाहने वालों की नज़र से भी एक बार देखा जाए , क्या पता मेरी नज़र का खोट बदल जाये।

#प्रज्ञाकादर्शन 😊