हिंदी बेहाल

हाल के यू.पी.एस. सी. परीक्षाओं में हिंदी भाषा के जो हालात सामने आए हैं उसे पढ़ने के बाद आज चाणक्य की बात बहुत याद आ रही।

शासित देश तब तक पराजित नहीं होता जब तक उसकी भाषा और अखंडता सुनिश्चित है। हम भारतीय, अखण्डता तो चालीस के दशक में ही गंवा चुके थे अब भाषा भी।

हम पहले केवल शासित देश थे , हमारी पराजय अब हो रही है।

#स्टीलप्लांट #क्योंलोहेकापौधा?

साइकिल की एक कहानी पर मन्थन

रोज़ दोनों शावक गोशाला से अंगरियाल गुफा तक दौड़ लगाते। गुफा के अंदर वो क्या करते मालूम नहीं। कई बार तो पूरे दिन वो गुफा में रहे आते। हमने यह बात जब गाँव के लोगों को बताई तो उन्होंने गुफा का मुआयना किया। पता चला कि वहाँ ज़मीन पर बाघिन का कंकाल पड़ा है और छत पर हमेशा की तरह ततैयों के छत्ते टँगे हैं। चमगादड़ लटके हैं। अब हमारी समझ में आया कि दोनों शावक गुफा में क्यों जाते थे।

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