हाल के यू.पी.एस. सी. परीक्षाओं में हिंदी भाषा के जो हालात सामने आए हैं उसे पढ़ने के बाद आज चाणक्य की बात बहुत याद आ रही।

शासित देश तब तक पराजित नहीं होता जब तक उसकी भाषा और अखंडता सुनिश्चित है। हम भारतीय, अखण्डता तो चालीस के दशक में ही गंवा चुके थे अब भाषा भी।

हम पहले केवल शासित देश थे , हमारी पराजय अब हो रही है।

#स्टीलप्लांट #क्योंलोहेकापौधा?