*हर मौसम की चाँदप्रभा*

प्रभा अपनी अलमारी में
जीवन में देखे परखे
सारे मौसम रखती थी
जितने महीने उतने ढंग
हर बसन्त में पीला रंग
मधुश्रावणी के मेले जैसी
सहज विविधता भरती थी।

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मौसम – अभिज्ञान रचित

मौसम

सुहाना मौसम है
आसमान में चिड़ियाँ उड़ रही है
सड़क पर गाड़ियाँ चल रही हैं
बिल्डिंग्स बड़ी बड़ी
उसमें लोग रहते हैं
यहाँ पर कुछ घर है
यहाँ पर कुछ मॉल हैं
इस सड़क पर काम जारी है।

– मास्टर अभिज्ञान मिश्र
कक्षा 2

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