बुलंदियाँ

कोई ला के मुझे दे!
कुछ रंग भरे फूल
कुछ खट्टे-मीठे फल
थोड़ी बाँसुरी की धुन
थोड़ा जमुना का जलकोई ला के मुझे दे!
एक सोना जड़ा दिन
एक रूपों भरी रात,
एक फूलों भरा गीत
एक गीतों भरी बात-
कोई ला के मुझे दे!

आदतन मैं सोने से पहले कुछ बेहतरीन कहानियाँ , दास्तानें और आजकल जॉन एलिया की शायरी भी सुनते सोती हूँ ।

इसमें मेरी सबसे पसंदीदा बात है अमर दास्तानगो अंकित चड्ढा जी की सभी यू ट्यूब वीडिओज़ को ध्यान से देखना और उनकी यात्रा से सीखना की जब आप अन्तर्मन से जीवन-यात्रा के लिए जागते हैं तो जीवन छोटा या अधूरा नहीं होता जितना भी हो अपने पूरा होता है।

Continue reading