नींद

नींद सुखद अवस्था है,अपने आप से प्यार करते हैं वे जो लेते हैं अच्छी नींद। शरीर के तंत्र सभी लाइन पे लाती है रोज़ पूरी होती नींद। बहुत ज़रूरी नींद।

सपनो की दुनिया है नींद, सपने होंगे पूरे जब देखे जाएंगे, खुली आँखों की जलन और सूखता कॉर्निया सबसे निजात है नींद, नहीं आते सपने आराम कुर्सी पर, हमें सर के नीचे हाथ रख कर लेटे रहना है, लम्बे होकर बिस्तर पर पसार टाँगें। बेहद आराम की तलब के साथ देखने हैं अपने सपने। सपनों के बीज बोती नींद।

पोले पोले मसूड़ों वाला तीन माह का बच्चा , हँसते देखा है मैंने नींद में, भगवान से बातें करता बच्चा देखा है मैंने नींद में। बड़े प्यारे लगते हैं वे, बड़ी प्यारी होती है नींद।

जाने लोग खुली आँखों से जीने को जीना क्यों कहते हैं।
नींद में तो सारे सपने भी पूरे होते हैं।
आखिर उसका भी तो अस्तित्व है पूरे आठ घन्टे की रात मेरी ज़िंदगी मेरी साँसें सब उसके पास ही हैं ।
है बिल्कुल है मेरी बन्द आंखों की दुनिया का पूरा अस्तित्व है।
सब कहते है हम सब चले आ रहे हैं बरसों से जैसे चौपाटी का समुद्र और नेशनल पार्क के पहाड़ रहा किये हैं बरसों से। ज़रूर नींद का एक टुकड़ा बरसों की याद में गमन होगा। यह कपोल कल्पना नहीं ज़रूर मेरा टाइम ट्रेवल होगा।

सेल्फ लव के अंतर्गत मुझे कांदीवली दत्तानि के एनरिच सलोन में समय व्यतीत करना अच्छा लगता है, नये आऊटलेट के सामने जाते से लगता है किसी यूरोपीय देश की कोई दुकान है, अंदर फ़िल्म के सेट जैसा कुछ।

आज अनिता अवेलेबल नहीं थी, दिव्या ने सलोन सर्विसेज दी, थलगो फेशियल नाम का प्रोडक्ट है, वे कहते हैं ये प्राकृतिक अल्गी से बना है हर्बल है ब्लीच नहीं है, किसी भी टेक्चर की स्किन पर जाएगा, साइड इफेक्ट नहीं है और भी बहुत कुछ । लेकिन सलोन सर्विसेज़ को ऑप्ट करने के और भी बहुत कारण हैं जैसे मद्ध्दम चलता संगीत , हल्की मीठी रौशनी, ताखों पर रखे ज़ेन प्लांट और बुद्धा बेबी की सोने की मुद्रा वाली मूर्ती।