बहन को पत्र

इलू ,

तुम्हारी एक-एक बनाई कलाकृति देख कर मुझे इतना सुख मिलता है जिसकी मैं चर्चा नहीं कर सकती। मुझे आँसू आते हैं, तुम सेलिब्रेट करो इसे क्योंकि तुमने अपना ईश्वर प्रदत्त गिफ्ट ढूँढ लिया है, देखो अपनी दक्षता कितना सुंदर बनाती हो। मुझे लगता है यही तुम्हारा साध रहेगा जिसके बाद और भी चीजें क्रमशः लगती जाएंगी, वैसे जैसे तुम चाहती हो। आशावादी रहो, ऊँचा सोचो, बड़ा सोचो, प्रगतिशील शब्दों का प्रयोग करो, जिह्वा पर किस क्षण सरस्वती बैठती हैं किसी को नहीं पता ।

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