देवनागरी में पूरा गीत

ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल
दुराये नैना बनाये बतियाके ताब-ए-हिज्राँ न दारम ऐ जाँ
न लेहो काहे लगाये छतियाँशबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़
वरोज़-ए-वसलत चूँ उम्र कोताहसखी पिया को जो मैं न देखूँ
तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँयकायक अज़ दिल दो चश्म-ए-जादू
ब-सद फ़रेबम बवुर्द-ओ-तस्कींकिसे पड़ी है जो जा सुनाये
पियारे पी को हमारी बतियाँचूँ शम्म-ए-सोज़ाँ, चूँ ज़र्रा हैराँ
हमेशा गिरियाँ, ब-इश्क़ आँ माहन नींद नैना, न अंग चैना
न आप ही आवें, न भेजें पतियाँबहक्के रोजे विसाल-ए-दिल्बर
कि दाद मारा गरीब खुसरोसपेट मन के बराय राखूं
जो जाए पाऊं पिया के ख़तियांअमीर खुसरो


व्याख्या

ज़ेहाल-ए-मिस्कीं मकुन तग़ाफ़ुल
दुराये नैना बनाये बतियाँ
Zehaal-e-miskeen makun taghaful,
Duraye naina banaye batiyan.
زحالِ مسکیں مکن تغافل درائے نیناں بنائے بتیاں
इस ग़रीब के हाल से तगाफुल (ignore) ना बरत
आँखें ना फेर, बातें ना बना
Do not overlook my misery,
by blandishing your eyes and weaving talesके ताब-ए-हिज्राँ न दारम ऐ जाँ
न लेहो काहे लगाये छतियाँ
Ke taab-e-hijran nadaram ay jaan,
Na leho kahe lagaye chatiyan.
کہ تابِ ہجراں نہ دارمے جاں نہ لیہو کاہے لگائے چھتیاں
अब जुदाई की ताब नहीं है मेरी जान
मुझे अपने सीने से क्यों नहीं लगा लेता
My patience has over-brimmed, O sweetheart!
why do you not take me to your bosomशबान-ए-हिज्राँ दराज़ चूँ ज़ुल्फ़
वरोज़-ए-वसलत चूँ उम्र कोताह
Shaban-e-hijran daraz chun zulf,
Wa roz-e-waslat cho umer kotah.
شبانِ ہجراں دراز چوں زلف و روز وصلت چوں عمر کوتاہ
जुदाई की रातें ज़ुल्फ़ की मानिंद दराज़
विसाल के दिन उम्र की मानिंद मुख़्तसर
Long like curls in the night of separation
short like life on the day of our unionसखी पिया को जो मैं न देखूँ
तो कैसे काटूँ अँधेरी रतियाँ
Sakhi piya ko jo main na dekhun,
To kaise kaTun andheri ratiyan.
سکھی پیا کو جو میں نہ دیکھوں تو کیسے کاٹوں اندھیری رتیاں
My dear, how will I pass the dark dungeon night
without your face beforeयकायक अज़ दिल दो चश्म-ए-जादू
ब-सद फ़रेबम बवुर्द-ओ-तस्कीं
Yakayak az dil do chashm-e-jadu,
Basad farebam baburd taskin.
یکایک از دل دو چشم جادو بصد فریبم ببرد تسکیں
यकायक ही वो दो जादुई आँखें
मेरे दिल का सुकून ले उड़ीं
Suddenly, using a thousand tricks
the enchanting eyes robbed me of my tranquil mindकिसे पड़ी है जो जा सुनाये
पीयारे पी को हमारी बतियाँ
Kisay pari hai jo ja sunave,
Piyare pi ko hamari batiyan,
کسے پڑی ہے جو جا سناوے ہمارے پی سے ہماری بتیاں
Who would care to go and report
this matter to my darlingचूँ शम्म-ए-सोज़ाँ, चूँ ज़र्रा हैराँ
हमेशा गिरियाँ, ब-इश्क़ आँ माह
Cho shama sozan cho zaraa hairan,
Hamesha giryan be ishq an meh.
چوں شمع سوزاں چو ذرٌہ حیراں ہمیشہ گریاں نہ عشق آں مہ
जलती हुई शम्मा और हैरान ज़र्रे की मकिफ़
मैं इश्क में हमेशा फरियाद कर रहा हूँ
Tossed and bewildered, like a flickering candle,
I roam about in the fire of loveन नींद नैना, न अंग चैना
न आप ही आवें, न भेजें पतियाँ
نہ نیند نیناں، نہ انگ چیناں، نہ آپ آویں نہ بھیجیں پتیاں
Na nind naina na ang chaina,
Na aap aaven na bhejen patiyan,
Sleepless eyes, restless body,
neither comes she, nor any messageबहक्के रोजे विसाल-ए-दिल्बर
कि दाद मारा गरीब खुसरो
Bahaq-e-roz-e-visaal-e-dilbar,
Ke daad mara gharib Khusro.
بحق روز وصال دلبر کہ داد مارا فریب خسرو
महबूब के दीदार के दिन की ख़ुशी में
जिसने इतना लम्बा इंतज़ार कराया है, खुसरो
In honour of the day I meet my beloved
who has lured me so long, O Khusro!सपेट मन के बराय राखूं
जो जाए पाऊं पिया के ख़तियां
Sapet man ke varaye rakhun,
Jo jaye pauN piya ke khatiyan.
سپیت من کے ورائے راکھوں جو جائے پاؤں پیا کی کھتیاں
I shall keep my heart suppressed
if ever I get a chance to get to her trick
……………………………………………
Ab’ul Hasan Yamin ud-Din Khusrow
अमीर खुसरो
ابوالحسن یمین‌الدین خسرو‎
Amir Khusrow ( Khusrau, Khusro) Dehlawi
…………………………………………..सुनिये बिंदुमालिनी की आवाज़ में