– रचनाकार मणिकांत झा

विश्व फोटोग्राफी दिवस
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सकल जगत मे मना रहल छी
फोटोग्राफी डे
सत्य सत्य आइ कहू भैय्या
खिचने छी के के
छवि के महिमा अजगुत
याद के करय मजगुत।

ब्लैक ह्वाइट के जहिया चलती
बनय छलै पास्पोर्ट
एडमिट कार्ड के उपर साटल
के सब कयलहुँ पोर्ट
छवि के महिमा अजगुत
याद के करय मजगुत।

कलर लैब आयल छल जहिया
मचल छलै हरहोर
अपन काया धूआ देखी
अनमन कारी गोर
छवि के महिमा अजगुत
याद के करय मजगुत।

आब मोबाइल केर अछि जमाना
कैमरा हाथे हाथ
जखन मन होय जक्कर चित्र के
राखी अपना साथ
छवि के महिमा अजगुत
याद के करय मजगुत।

शब्दक चित्रहि चित्र दिवस के
प्रस्तुत अछि शुभकाम
एहि प्रज्ञा के प्रज्ञा आनल
मणिकांतक मन ठाम
छवि के महिमा अजगुत
याद के करय मजगुत।
-मणिकांत झा, दरभंगा, १९-८-२०

अंकल को मैसेज कर के मैंने बताया कि अंकल आज तो world photography day है तो आप इसको अपने अंदाज़ में कैसे कहेंगे। उन्होंने झट से यह रचना लिख दी। चूँकि उन्होंने मेरे नाम का ज़िक्र लिया है इस कविता में इसलिए मेरे जीवन की टाइमलाइन में इस ब्लॉग पर यह रचना सहेज ले रही हूँ।