हिन्दी की महान विदुषी और गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी नहीं रहीं। आज साहित्य जगत के लिए दुःख का दिन। हाल ही में जून-जलाई महीने में बिहार साहित्य सम्मेलन के लाइव में सुना था उन्हें। हमेशा प्रेरित किया उन्होंने।

मृदुला_सिन्हा जी की एक बात उनके दिए भाषणों में से मुझे हमेशा याद रहती है कि- साहित्यकार बनिये तो मकड़ी के जैसे नहीं कि बस अपने ही भीतर का उगल अपने इर्द गिर्द बुने जाएं। भँवरे की मानिंद रहें, सुंदर साहित्य पढ़ें, सब जगह से उम्दा पराग चिंतन चुनें उससे सहित्य रूपी शहद बनाएं।

7 habits of the highly effective people किताब कहती है- आप अपने फ्यूनरल स्पीच को सोचते हुए जियें कि जब आप नहीं रहेंगे तो परिजन, मित्र आपके प्रति कैसा महसूस करते बोलेंगे। मीठी, सुंदर और शानदार यादों का संग्रह छोड़ कर जाना सफल जीवन है, मृदुला सिन्हा जी की जीवन यात्रा ऐसी ही रही।

जयपुर से संदीप साहनी उनके संस्मरण में लिखते हैं:

देखो पुनः पुरुषार्थ झुका
श्रद्धा का करने अभिनंदन
इतिहास पुरुष का कदम यही
है नारी शक्ति का वंदन
मृदुला सिन्हा

श्रीमती मृदुला सिन्हा का स्वर्गवास हो गया। वे न केवल उच्च कोटि की साहित्यकार थीं अपितु श्रेष्ठ प्रशासक भी थीं। वे गोवा की राज्यपाल रहीं।

जिस समय उन्हें केन्द्रीय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष नियुक्त किया गया, उस समय केंद्रीय बोर्ड के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगा था, नौकरशाही 1953 से जन्में इस संगठन को बंद करना चाहती थीं। मृदुला जी, तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी से मिलीं और इस संगठन को पुनर्जन्म दे दिया।

केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष के रूप में उन्होंने लीक से हटकर कार्य किये। मुझे याद है कि उन्होंने प्रत्येक राज्य में मानवी सम्मान भोज आयोजित करवाये थे, इस भोज में उन्होंने पुरुषों को स्त्रियों के लिए भोजन पकाने और परोसने का दायित्व सौंपा था। इसके पीछे ये भाव था कि पुरुष भी महिलाओं के कार्य की कठिनाई को समझें।

इसी प्रकार उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए “जननी को जीने दो” कार्यक्रम चलाया। हर कार्यक्रम में उन्होंने शपथ दिलवाई कि जैसे पुत्र जन्म पर थाली बजाते हो ,उसी उल्लासपूर्वक हर घर में पुत्री जन्म पर भी थाली बजाई जाए।

आज जब केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड को बंद किये जाने के समाचार आ रहे हैं तो उनका स्मरण हो आया कि किसी भी संगठन की उपयोगिता, संगठन से अधिक उसका नेतृत्व निर्धारित करता है।


इश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। भावपूर्ण श्रद्धांजलि ।