ऑल इंडिया रेडियो मेरे जीवन का अभिन्न अंग रहा है क्योंकि मेरी परवरिश उसी ऑफिस परिसर यानी रेडियो कोलिनी में हुई। मैंने कक्षा पाँच के दिनों में रेडियो बालजगत में voice test पास कर के बतौर बालजगत announcer एक छोटी शुरआत भी की थी। यह कहना भी ज़रूरी है कि चूंकि पिता जी ऑल इंडिया रेडियो में कार्यरत रहे तो हमें इन सारी बातों की जानकारी प्राप्त होती रहती थी, और बाकी हुनर शायद जेनेटिक आ गया था क्योंकि वहां रेडियो कॉलोनी के बच्चों में अच्छा उच्चारण औऱ बोलने का हुनर सिखाना ही नहीं पड़ता ।

सूचना और हर सूचना का प्रसारण जीवन की धुरी में सबसे प्रमुख चर्चा थी, बाड़मेर के निवास परिसर में पापा के पढ़ने के लिए इतने पत्र पत्रिकाओं का भंडार होता था ।हमारे लिए भी बालहंस, चंपक, नंदन आदि भर भर कर आते थे। मेरा बचपन कितना सुंदर था ऐसे जैसे मूँह में घुली कैडबरी जिसका आनंद आँख बंद कर के ही लेती रह गयी।

आँख खुली तो दुनिया की भीड़ और जीवनयापन के बिलबोर्ड तले अपने आपको दबा देखा, ऐसे जैसे साईकल के चक्के चल चल के वहीं हैं लेकिन उनपर सवार आदमी अपनी मंज़िल तय कर ले रहा जैसे नौकरी देने वाले बड़े बड़े कॉरपोरेट घर।

इस बीच मैं छोटी नन्ही आम आदमीनुमा औरत अपनी दिल-है-छोटा-सा-छोटी-सी-आशा के बीज-गीत के साथ अपना पोडकास्ट करती हूँ, इसलिए हैपी हैपी ब्रॉडकास्टिंग टु मि, आप मुझे सुन चुके हैं तो हैप्पी ब्रॉडकास्टिंग टू यू, न सुने हों तो कोशिश कर के ज़रूर खोजिए “शतदल रेडियो” मिलेगा आपको kukuFM पर, Spotify पर , Apple Podcast पर .

आज कल एक नए समूह से जुड रही हूँ जिसका नाम है Radio Play Black India , इनसे kukuFM के माध्यम से मिली। देखती हूँ क्या रंग ला सकती हूँ मैं RPI में, कुछ न कुछ तो अच्छा होगा।

– प्रज्ञा मिश्र https://kukufm.com/show/%E0%A4%B6%E0%A4%A4%E0%A4%A6%E0%A4%B2–Shatadal

RPI के समूह में आज यह मेसेज आया है, लिखा है Dr. Shabnam Khan ने, पढ़िए और ज्ञान में इज़ाफ़ा करिये।

हर साल 23 जुलाई को पुरे देश में #राष्ट्रीयप्रसारणदिवस मनाया जाता है। इस दिन 1927 में मुंबई स्टेशन से एक निजी कंपनी इंडियन ब्रोडकास्टिंग कंपनी ने बॉम्बे स्टेशन से देश में पहला रेडियो प्रसारण शुरू किया था।

राष्ट्रीय प्रसारण दिवस का इतिहास:
भारत में पहला रेडियो प्रसारण 23 जुलाई, 1927 को बॉम्बे स्टेशन से किया गया था। उस समय स्टेशन का स्वामित्व इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी नामक एक निजी कंपनी के पास था.
सरकार ने 1 अप्रैल, 1930 को प्रसारण अपने हाथ में ले लिया और इसका नाम बदलकर भारतीय राज्य प्रसारण सेवा (Indian State Broadcasting Service) कर दिया।
यह शुरुआत में प्रायोगिक आधार किया गया था, लेकिन बाद में 1932 में इसका नियंत्रण सदैव के लिए सरकार ने ले लिया था.
भारतीय राज्य प्रसारण सेवा 8 जून, 1936 को ऑल इंडिया रेडियो में तब्दील हो गया। वर्तमान में, AIR को दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक प्रसारण संगठनों में से एक माना जाता है।
सभी प्रसारण कर्मियों को आज राष्ट्रीय प्रसारण दिवस की अनंत शुभकामनाएं।

डॉ शबनम खानम