गणेश वन्दना
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गणपति गरीब उपर
होयब अहाँ सहाय यौ
दै छी हम दोहाय यौ ना।

हम सब बनलहुंँ बौक अकान
राखब हमरा सबहक ध्यान
सूतल ज्ञान गजानन
दियौ कने जगाय यौ
दै छी हम दोहाय यौ ना।

अपने कहबी विघ्न विनाशक
विनती सुनबय एहू दासक
सदिखन आश अहीं केर
राखी मन बसाय यौ
दै छी हम दोहाय यौ ना।

गलती क्षेमियौ मोर विघ्नेश
हरियौ हरियौ सकल कलेश
मणिकांत शरण मे आयल
अहींक आश लगाय यौ
दै छी हम दोहाय यौ ना।

-मणिकांत झा, दरभंगा,१०-९-२१
गणेश चतुर्थी,चौरचन।

गणेश वंदना- गणपति गरीब उपर
स्वर-स्वेता कुमारी
रचना-मणिकांत झा

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