आज की लाइव कहानी पाठ का मूल्यांकन

ठाकुर महाविद्यालय मुम्बई में आज प्रेमचंद जी की कहानी – “आहुति” का लाइव पाठ किया। करीब पैंतीस श्रोता गण ज़ूम सेशन में सुनने आये। रिकर्डिंग भी बाद में उप्लब्ध होगी। तब लिंक आप सबको भी दूँगी।

मेरी मित्र Anupam Chitkara जी भी हौंसला अफ़ज़ाई करने के लिए कार्यक्रम में जुड़ीं। यह भाग्य की बात है कि कोई व्यक्ति अपना समय आपके कार्यक्रम में दे। मुझे ईश्वर ने हर स्तर पर अच्छे लोगो का सान्निध्य दिया है, प्रार्थना है कि जब मेरी बारी हो तब अंजाने में भी कृतघ्नता न प्रवेश करे ।

लाइव कहानी पाठ का अनुभव नया था। मैंने कहानी को धाराप्रवाह बोलने के लिए #kahanisuno पोडकास्ट्स के #sameergoswami जी का “आहुति” कहानी वाचन स्टोरीटेल पर सुना। यह कहानी स्टोरी टेल पर जून 2020 में पब्लिश हुई थी।

इग्नोउ की किताब “प्रेमचंद की कहानियाँ” से उक्त कहानी को दो बार पूरे हाव भाव से बोल कर पढ़ा। इग्नोउ के सिलेबस में हमने 20 कहानियाँ विस्तार पूर्वक विवेचना के साथ पढ़ी है। जिसमें से “आहुति” का चयन किया।

सांख्यिकी और गणित के विद्यार्थियों के समझने अनुसार प्रेमचंद जी का संक्षिप्त जीवन परिचय, साहित्य विशेषता, कहानी के भावबिन्दु और पात्र योजना का एक प्रेजेंटेशन तैयार किया ताकि जब मैं बात करूँ , पाठ करूँ तो दर्शक/श्रोता केवल मेरे चेहरे हाव भाव पर आश्रित न रहें बल्कि उनके लिए कुछ नोट डाऊन करने देखने रेफर करने जैसा स्क्रीन पर रहे। इंटरनेट से कहानी का टेक्स्ट लेकर इसका PDF भी तैयार किया।

हाथ में किताब के बजाय , PDF से सामने लाइव पाठ का विचार आज सुबह सुबह ही आया था।

कल वर्किंग डे था,तो तैयारी करने के लिए आज ही तड़के पाँच बजे उठी जिससे कि मैं बतौर गेस्ट स्पीकर जाऊं तो बिना तैयारी न प्रतीत होती रहूँ क्योंकि सबका समय मूल्य वान है।

आज वहाँ 35 लोग मौजूद थे मतलब , पैंतीस गुणा एक घन्टा = पैंतीस घन्टा आज लगाया है कहानी पाठ के लिए तो अवश्य ऐसे सेशन गुणात्मकता में गृहकार्य मांगते हैं। उम्मीद करती हूँ सही दिशा में मेहनत सार्थक होती रहे।

सामने ज़ूम स्क्रीन शेयर कर के PDF से पढ़ने का चैलेंज लिया ताकि पढ़ते वक्त नीचे किताब देख कर न पढूं और फेस भी सामने रहे। इसमें एक समस्या आयी, पढ़ते पढ़ते अचानक स्क्रीन ऊपर नीचे हो गयी और क्रम बाधित हुआ वह भी इसलिए हुआ कि कोई पॉप अप अचानक आ गया था और ध्यान भटक गया। यह एक सीख रही। लाइव कहानी पाठ में फ्लॉ लेस पढ़ने के लिए और तैयारी चाहिये।

मई 2018 से मैं सतत प्रयासरत हूँ कि दास्तान सुनाने लायक भी क्षमताएँ अपनी बढाऊँ, इसके लिये मैंने talk hee talk वाले फहाद जी की अंतराल थिएटर क्लास एटेंड की थी जिसके बाद बोली वाचन उच्चारण हावभाव में परिवर्तन भी आया और आज भी अंतराल थिएटर के वाट्सप ग्रुप में दिया गया कन्टेन्ट बोल कर पढ़ती हूँ। दिल्ली दूर है अपनी कमियों का मैदान फतह करना है।

भूलना एक बड़ी चुनौती है। अक्सर बातें भूलती हूँ, जिससे क़ई बार कार्यालय यहाँ तक कि व्यक्तिगत बातों में काफ़ी दिक्कतें आयीं हैं, इससे इस तरह की प्रस्तुति में दिक्कत आ सकती है, एक बार साल 2001 में मैं स्कूल में स्पीच कॉम्पिटिशन में पूरा ब्लैंक हो गयी थी, जैसे वैक्यूम में चली गयी हूँ, कितना शर्मनाक दिन था वो।

अपने पब्लिक स्पीकिंग कांफीडेंस पर काम करने के लिये मैंने #mobiusstrip की रायना पांडे जी का #incharge प्रोग्राम भी पूरा किया है जिससे हाव भाव , ऑन स्क्रीन प्रेजेन्स , बॉडी लैंग्वेज में सुधार हुआ है।

प्रेज़ेंटेशन और कहानी पीडीएफ @shatdalradio टेलीग्राम समूह पर थोड़ी देर से उपलब्ध रहेगा।

Pragya Mishra
23/10/2021