आठ नवंबर को नहाए-खाए से छठ पूजा की शुरुआत होगी. नौ नवंबर को खरना होगा. पहला अर्घ्य दस नवंबर को संध्याकाल में दिया जाएगा और अंतिम अर्घ्य ग्यारह नवंबर को अरुणोदय में दिया जाएगा.

पहिले पहिले हम कईनी,

पहिले पहिले हम कईनी,
छठी मईया वरत तोहार ,
छठी मईया वरत तोहार…

करिह छमा छठी मईया,
भूल-चुक गलती हमार ,
भूल-चुक गलती हमार…

गोदी के बालकवा के दिह,
छठी मईया ममता दुलार ,
छठी मईया ममता दुलार ,

पिया के स्नेहिया बनइहा,
मईया दिह सुख सार ,
मईया दिह सुख सार..

नारियल केलवा घवुद्वा ,
सजल नदिया किनार ,
सजल नदिया किनार..

सुनिह अरज छठी मईया ,
बढे कुल परिवार ,
बढे कुल परिवार…

घाट सजवानी मनोहर,
मईया तोर भक्ति अपार ,
मईया तोर भक्ति अपार…

लिही न अरगिया हे मईया,
दिही आशीष हज़ार,
दिही आशीष हज़ार…

पहिले पहिले हम कईनी,
छठी मईया वरत तोहार ,
छठी मईया वरत तोहार…

करिह छमा छठी मईया,
भूल-चुक गलती हमार ,
भूल-चुक गलती हमार…
भूल-चुक गलती हमार

जय छठी मैया

कांच ही बांस के बहंगिया

कांच ही बांस के बहंगिया,
कांच ही बांस के बहंगिया,

बहंगी लचकत जाए,
बहंगी लचकत जाए ||

होए ना बलम जी कहरिया ,
बहंगी घाटे पहुंचाए,
बहंगी घाटे पहुंचाए |

कांच ही बांस के बहंगिया ,
बहंगी लचकत जाए,
बहंगी लचकत जाए ||

बाट जे पूछे ना बटोहिया ,
बहंगी केकरा के जाय,
बहंगी केकरा के जाय |

तू तो आंध्र होवे रे बटोहिया ,
बहंगी छठ मैया के जाए,
बहंगी छठ मैया के जाए |

वह रे जे बाड़ी छठी मैया ,
बहंगी उनका के जाए,
बहंगी उनका के जाए|

कांच ही बांस के बहंगिया
बहंगी लचकत जाए,
बहंगी लचकत जाए ||

होए ना देवर जी कहरिया ,
बहंगी घाटे पहुंचाई,
बहंगी घाटे पहुंचाई ||

वह रे जो बाड़ी छठी मैया
बहंगी उनका के जाए,
बहंगी उनका के जाए ||

बाटे जे पूछे ना बटोहिया
बहंगी केकरा के जाय,
बहंगी केकरा के जाय ||

तू तो आन्हर होय रे बटोहिया
बहंगी छठ मैया के जाए,
बहंगी छठ मैया के जाए ||

वह रे जय भइली छठी मैया ,
बहंगी उनका के जाए,
बहंगी उनका के जाए ||