एक बार की बात है, मैं तब दिल्ली विश्वविद्यालय के एस. जी. टी. बी. खालसा महाविद्यालय से रसायन शास्त्र में ओनर्स की पढ़ाई कर रही थी।

हमारे डिपार्टमेंट में केमिकल सोसायटी बनाई जानी थी। केमिकल सोसाइटी बनने से पहले ज़रूरी था उसका नामकरण।

बहुत सोचने पर किसी ने नाम सुझाया Association of chemists. बहुत बढ़ियाँ, अब सबने कहा इसका शार्ट फॉर्म यानी एक्रोनीम क्या छपेगा , सबने कहा #Assochem …
थोड़ी देर माहौल में सन्नाटा रहा.. लोग बोले अच्छा… धीरे धीरे … खुद ही बोल के खुद ही पशोपेश में पड़ गए ,…. बच्चे फुसफुसाए

भई दूसरे कॉलेज वालों ने शान पट्टी दिखानी ही दिखानी है … इसका बन जाना है “ASS OF CHEM”, होर तुम लोग सोच लो, रेडी हो खुद की इत्ती भद्द पीटाने को।

ना भई ना।

बात में दम था, सो हमने सबने फिर सोचा, खूब सोचा, और निकाला “CATENATION” !!!!.
वा भई अब तो सब खुश,नाम भी वदिया, इमेज भी मिलती जुलती डायमंड सी चंगी मिल गी। हमारी केमिकल सोसायटी बन गी और चलने भी लगी। लोगों ने तारीफ़ करी खुद को भी अच्छा लगा।

हां तो इस घटना से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सोच समझ कर शोर्ट फ़ॉर्म, नाम वगैरह रखने से लोग-बाग भी इज़्ज़त से देखते हैं।

ये क्या बना दिए हो बेटा …#AAPdaCM कोई आपदा लानी है उसने, अरे माशाल्लाह कॉमेडियन भगवंत मान है वो आपदा सी एम नहीं है।

ऐसे-ऐसे हैश टैग के लिए खास पेशकश:

आपदा की बात जो करदी आप ने
लोग आपात कालीन बिछाए हुए हैं

AAPdaCM आप छाए हुए हैं

प्रज्ञा मिश्र