मुंबई का हाल अब ऐसा है कि
सूर्यदेव अंतरिक्ष से ही पूछ लेते हैं
लगा कर कॉल कि बच्चे तू कैसा है

बारिश का हाल अब ऐसा है
कि बादलों के पेट खराब हो और
इलाज को न कौड़ी है न पैसा है

सड़कासुर का हाल अब ऐसा है
कि उसपर न मोटर चलेगी न कार
सहेलमेट आदमी उसके नाश्ते जैसा है

Pragya Mishra