श्रोताओं,

पिछली कड़ी की चर्चा को आगे बढ़ाते हुए हम बात कर रहे हैं बच्चों में HIV/AIDS की समस्या के साथ साथ उत्पन्न मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याओ के बारे में ।

AIDS स्वयं एक जानलेवा लाइलाज बीमारी तो है ही, इसे साथ जीवन में यह मानसिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी करती है, सोशल स्टिग्मा जिसमें सबसे बड़ी परेशानी। तमाम दिक्कतों कैसे लड़ा जाए और हम कैसे भागीदार बन सकते हैं इस लड़ाई को जीतने में । चर्चा का पहला भाग आपने 12 नवंबर के shatdalradio प्रसारण में सुना।

चर्चा को आगे बढ़ाते हुए Dr. Vasudha Mishra से बात चीत जारी है ।

Dr Vasudha Mishra, 5 वर्षो से नोएडा की ही एक संस्था से जुड़ी हुई हैं जो AIDS पीडित बच्चों के लिए काम कर रही है , उन बच्चो को मनोवैज्ञानिक रूप से सहायता करने का जिम्मा उठाया है उन्होंने। shatdalradio पर आयोजित इस वार्ता में आप सब शामिल हों अपने मत और सुझाव भी प्रदान करें।

मनोवैज्ञानिक विषयों के जानकार हिंदी के वरिष्ठ कवि शरद कोकास जी भी दुर्ग से हमारे साथ चर्चा में शामिल होंगे।

भाग 1- 12 Nov 2022 Link

भाग 2 – आज 26 Nov 2022 ❗LISTEN ☑️

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