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Shatdalradio पर रविवार 27 Nov , दोपहर 12 बजे, हम मुकेश सिन्हा जी की बहुचर्चित कविता संकलन ‘..है न ‘ को उत्तर प्रियदर्शी सम्मान मिलने के उपलक्ष पर ऑडियो वार्ता रख रहे हैं।

पॉडकास्ट आर्ट

Audio Talk show Mentza link


Shatdalradio पर जुड़िए मुकेश जी से बातचीत और किताब से जुड़ी दस्तानों को सुनने के लिए।


मुकेश जी एक ऐसी शख्सियत हैं जो अपने होने को हमेशा बिहार की मिट्टी सा साधारण बनाए रखते है और उतना ही उर्वर भी। कवि को पुनः बधाई।


2021-22 के लिए बाड़मेर के उदय कमल साहित्य संगम द्वारा अज्ञेय के स्मृति में, उनके नाटक के नाम से शुरू किए गए “उत्तर प्रियदर्शी सम्मान” के प्रथम संस्करण के तहत कविता विधा में हिन्दयुग्म प्रकाशन से प्रकाशित कविता संग्रह “… है न !” को सम्मानित किया जाएगा।


साथ ही,  राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित श्याम बिहारी श्यामल कृत कंथा को उपन्यास विधा,  बोधरस प्रकाशन से प्रकाशित पूनम अहमद कृत  कोयले की लकीर  व मुक्तकेशी रचनाकार अलीगढ़ से प्रकाशित मीरा जगनानी कृत बदली बदली सी जिंदगी को कहानी विधा में संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा !

मुस्कुराहट का ये टोकन देने के लिए, उदय कमल साहित्य संगम को मुकेश जी शुक्रिया कहते हैं।

मेरे और अनुपम चितकारा के लिए भी ये किताब बहुत खास है क्योंकि मुकेश सिन्हा जी ने इसकी सृजन प्रक्रिया, कवर फोटो चयन आदि का हिस्सा होने का अवसर दिया था । यह हमारे लिए भी गर्व का क्षण है।

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प्रज्ञा मिश्र, shatadalradio