Corona Virus

Virus अकोशिकीय(Acellular ) अतिसूक्ष्म (टाइनी) जीव हैं जो केवल जीवित कोशिका में ही वंश वृद्धि कर सकते हैं। ये नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन (DNA) से मिलकर गठित होते हैं, शरीर के बाहर तो ये मृत-समान होते हैं परंतु शरीर के अंदर जीवित हो जाते हैं।

Corona (COV) वायरस का एक बड़ा परिवार है। 

CoV के कारण सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियाँ तक हो जाती हैं जैसे :

  • मध्य पूर्व के देशों से आया जैसे Middle East रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS-CoV) 
  • Severe Acute रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS-CoV)

SARS, साल 2002 में चीन में उपद्रव मचा कर गया था और कुछ महीनों के भीतर दुनिया भर में फैल गया, हालांकि यह तेज़ी से नियंत्रित हुआ था। सार्स एक वायरस है जो बूंदों के माध्यम से प्रसारित होता है जो हवा में प्रवेश करता है जब कोई व्यक्ति खांसी, छींक या बातचीत करता है। 2004 से सार्स का कोई ज्ञात संचरण नहीं हुआ है।

Novel कोरोनावायरस (nCoV) एक नई स्ट्रेंड है जो दिसम्बर 2019 पहले मनुष्यों में पहचाना नहीं गया है।

Coronavirus ज़ूनोटिक हैं, जिसका अर्थ है कि वे जानवरों और मनुष्यों के बीच संचारित(transmit) होने वाले वायरस। 
जूनोटिक रोग बैक्टीरिया या वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है जो जानवरों ,आमतौर पर कशेरुक(vertebrae) और मनुष्यों के बीच फैलता है। इबोला वायरस रोग जैसी आधुनिक बीमारियाँ ज़ूनोस हैं।

विस्तृत जांच में पाया गया कि SARS-CoV मनुष्यों में Civet बिल्लियों से आया और MERS-CoV सोमाली ऊंटों से स्थानांतरित हुआ । 

देखा जाए तो कई ज्ञात Coronavirus जानवरों में पाए जाते हैं जिन्होंने अभी तक मनुष्यों को संक्रमित नहीं किया है।

New Corona वायरस इतना खतरनाक है कि इससे अब तक चीन में लगभग 4515 लोग संक्रमित हो चुके हैं, और 106 लोगों की जान चली गई। संदिग्ध मामलों की बात करें तो उसकी संख्या 6973 है। अब यही वायरस पूरी दुनिया में फैलने लगा है।

NCoV से प्रभावित देश:चीन, ऑस्ट्रेलिया, कंबोडिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, मलेशिया, नेपाल, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, ताइवान, थाईलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम।

मध्य चीन के हुबेई प्रांत की विशाल राजधानी वुहान, यांग्त्ज़ी और हान नदियों द्वारा विभाजित एक वाणिज्यिक केंद्र है।

Novel (नया) कोरोनावायरस (nCOV)  सांस की बीमारी का प्रकोप पैदा कर रहा है जो चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में शुरू हुआ। यह प्रकोप दिसंबर 2019 की शुरुआत में शुरू हुआ और अभी भी जारी है। प्रारंभ में, कुछ रोगियों को वुहान साउथ चाइना सीफूड सिटी (दक्षिण चीन सीफूड होलसेल मार्केट और हुआ नान सीफूड मार्केट ) से जोड़ा गया था।

भारत ने चीन के हुबेई प्रांत में कोरोनोवायरस प्रकोप से उत्पन्न स्थिति के मध्य प्रभावित इलाकों से अपने नागरिकों की निकासी के लिए तैयारी शुरू कर दी है। DGCA से एयर इंडिया को पहली उड़ान की अनुमति मिलने के साथ ही, भारत में चीनी के राजदूत सन वेइदोंग ने बयान जारी किया है की भारत को विश्व स्वास्थ संगठन पर भरोसा रखना चाहिए और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

बीमारी के संकेत

संक्रमण के सामान्य संकेतों में श्वसन संबंधी लक्षण, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, संक्रमण से निमोनिया, गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम, गुर्दे की विफलता और यहां तक ​​कि मृत्यु भी हो सकती है।

संक्रमण को रोकने के लिए मानक निर्देशों में नियमित रूप से हाथ धोना, खाँसने और छींकने पर मुंह और नाक को ढंकना, मांस और अंडे को अच्छी तरह से पकाना शामिल है। खांसी और छींकने जैसी सांस की बीमारी के लक्षण दिखाने वाले किसी के भी निकट संपर्क से बचना चाहिए।

भारतीय नागर विमानन मंत्रालय ने देश भर में सात हवाई अड्डों – दिल्ली, मुंबई, कोलकाता,चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोचीन – को स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

चीन से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग और स्व-घोषणा औपचारिकताएं (self -declaration formalities) जारी है।

भारत भर किसी भी प्रश्न और समर्थन के लिए अखिल भारतीय कोरोनावायरस हॉटलाइन की घोषणा की गई है: + 91-11-23978046।

बचाव के उपाय

  • बीमार लोगों के संपर्क से बचना ज़रूरी
  • वयस्कों और अंतर्निहित स्वास्थ्य मुद्दों वाले यात्रियों को अधिक गंभीर बीमारी का खतरा हो सकता है।
  • जानवरों (जीवित या मृत), जानवरों के बाजारों, और उत्पादों से बचें जो जानवरों से आते हैं (जैसे कि बिना पका हुआ मांस)।
  • कम से कम 20 सेकंड के लिए हाथों को अक्सर साबुन और पानी से धोने की सलाह है। यदि साबुन और पानी उपलब्ध न हो तो अल्कोहल-आधारित हैंड सेनिटाइज़र का उपयोग किया जा सकता है।

लंदन स्कूल ऑफ़ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसीन के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर पीटर पियोट कहते हैं,

अच्छी ख़बर ये है कि कोरोना सार्स विषाणु की तुलना में कम जानलेवा है. अतीत की तुलना में वैश्विक स्तर पर सूचना का ज़्यादा और बेहतर आदान-प्रदान हो रहा है. ये अहम है क्योंकि एक संभावित महामारी से कोई देश अकेले नहीं लड़ सकता है.

इस संक्रमण से निजात पाने के लिए फिलहाल कोई ख़ास इलाज नहीं है. डॉक्टर संक्रमित मरीज़ों का इलाज उनके लक्षण के आधार पर ही कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया के डॉक्टरों ने वैक्सीन तैयार करने के लिए कम से कम छः माह तक का समय लग जाने की बात रखी है।

संदर्भ

कोरोना समाचार

PAYTM Fraud

दोस्तों हम जान रहे हैं कि इस समय भारत में आम आदमी के लिए पैसे और नौकरी की कितनी किल्लत है, बैंकों से पैसा नहीं निकालने दिया जा रहा है। नोटबन्दी के गलत और अदूरदर्शी क्रियान्वयन ने हमारी अर्थ व्यवस्था को गम्भीर क्षति पहुँचा दी है।
राजनीति में नहीं जा रही हूँ अभी। लेकिन यह जानना आवश्यक है कि बहुत बड़ी संख्या में लोग #PayTM #KYC #Fraud का शिकार हो रहे हैं। आज सुबह पता लगा हमारी सोसायटी के सदस्य जो अधिकतर यात्रा में रहते हैं और इतना विवरण देख देख transaction नहीं कर पाते उनके 80 हज़ार एक झटके में बैंक खाते से उड़े हैं। जबकी वे जानकार और पढ़े लिखे व्यक्ति हैं फिर भी अवचेतन में यह बात नहीं आती की यह मेरे साथ धोखा होने वाला है।

गौर करें की एक देश जहाँ केवल 10-15% जनता अंग्रेज़ी में दक्ष है वहाँ #Pishing और #SocialEngineering के माध्यम से ऑनलाइन धोखाधड़ी कितनी आसानी से हो सकती है। पढ़े लिखे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

नीचे दिए गए मैसेज को ध्यान से देखें यह मेरे पति आलोक मिश्र को आया था। अब इसकी वाक्य संरचना में आप पाएंगे की verb का ग़लत प्रयोग है। कोई भी सुप्रसिद्ध संस्था ऐसे गैर जिम्मेदाराना मेसेज नहीं भेजती।

यह अलग बात है कि ये मेसेज वास्तविक गूगल वेरिफाइड PAytm app को प्रयोग करते से ही आता है। यह भी सोचने वाला विषय। क्या यह ओर्गनाइजड क्राइम है?

हम वर्तनी की अशुद्धियों , गलत वाक्य संरचना इत्यादि पर ध्यान नहीं देते। कृपया अब ध्यान दें गलत spelling, सेंटेंस वाले लिंक और मैसेज पर काम आगे न बढ़ाएं ।

ईस दिए गए नम्बर पर कॉल करने से सामने वाला बंदा जो एप डाउनलोड करने बोलता है उससे मोबाइल स्क्रीन शेयरिंग मोड पर जाता है। स्क्रीन शेयरिंग कार्यालयों में प्रयुक्त होने वाली साधारण प्रक्रिया है । हो सकता है साइबर सेल भी इसे वर्जित नहीं करेगा, इसलिये हम सावधान रहें। आलोक को जब कॉलर ने एप डाऊनलोड करने कहा तो उन्होंने पहले समयाभाव और किसी शंका में मना किया था फिर बाद में पता चला की चालू फ्रॉड से बाल बाल बचे हैं वे।

गए वैसे वापिस नहीं आएंगे। मानसिक पीड़ा अलग होगी। कमज़ोर दिल वाले लोग , बीमारी से ग्रस्त लोग तो मरने मरने पे आ जाएंगे।

हमने हाल में देखा है महाराष्ट्र में PMC बैंक से पैसे न निकाल पाने के कारण कुछ लोगों को इलाज नहीं मिला और मौतें भी हुई हैं।

हँस के किसी हालात का मीम बनाना अपराध नहीं है लेकिन हालात वाकई खराब हैं इसे न मानना और एक साथ होकर पब्लिक फोर्स न बनना हम भारतीयों को ले डूबेगा। हम केन्या या ज़िम्बाब्वे के आर्थिक हालात में चले जाएंगे।

#Pishing और #SocialEngineering के बारे में पढ़ें ।
सावधान रहें।

मोबाइल मेसेज प्रूफ

छाती में खाना अटकने की स्थिति वाला अनुभव और Heimlich manoeuvre की जानकारी

कृपया इस लिंक को क्लिक करें और फेसबुक पर घूम रही इस वीडियो को ध्यान से देखें इसमें Heimlich manoeuvre का असल समय पर प्रयोग होटल मैनेजर Vasilis Patelakis द्वारा दिखाया गया है।

ठीक ऐसी की घटना मेरे साथ घट चुकी है, यह स्थिती इतनी डरावनी थी की जान पहचान वाले मुझे अब ऑफिस में अकेले खाने बैठने नहीं देते ।एक आध बार जब ऐसा हुआ तो थोड़ी दूर टहल चल कर खाना इसोफेगस से उतर गया, लेकिन एक दिन अती हो गयी काफी देर अटका रह गया और कलीग्स जुट कर अपने स्तर से जो मदद कर सकते थे किए, किसी ने पीठ थप थपायी किसी ने छास या पानी पीने दिया, अंत मे चलना टहलना भी काम आया ।

विडीओ में दिया तरीका किसी को मालूम नहीं था और चोक-ब्लॉक बोलस को भोजन-नली से निकलने में उस दौरान काफी समय लग गया था । सन्जोग से मेडिकल हेल्प आने तक में मैं ठीक हो चुकी थी।

बहुत छटपटाहट वाली स्थिति होती है। उस समय मैंने समझा की सबसे ज़रूरी होता है शरीर को जितना शांत रख सकें उतना शांत हो जाना धीरे-धीरे सांस लेने की कोशिश करना वर्ना घबराहट में जो भी भला हो सकना हो वो भी न होगा। मुझे उल्टी नही हो पा रही थी ऐसा लग रहा था की बोलस के नीचे नली में हवा हो , मैं पीठ सीधी कर एक दम चुप चाप शांत बैठी । बीच में टहली भी लेकिन बिना बात किये एकदम शांत होकर। धीरे-धीरे हल्की डकार आयी , तब तक मे देखने वालों के मुताबिक मेरा चेहरा पूरा लाल पड़ चुका था।डकार आने से मैं पानी पीती, फिर अचानक थोड़ा टुकड़ा निकल आया, थोड़ा इसोफेगस से पास हुआ, जान में जान आयी।

इस घटना के बाद मैंने जल्दी-जल्दी एवं बड़े-बड़े कौर खाना छोड़ दिया, खाने को अधिक देर चबाती हूँ। साथ मे अब बात कम करती हूँ । कम से कोशिश तो रहती है कि बेस्ट प्रेक्टिस फॉलो करूं। सुबह अब खाली पेट नहीं निकलती , निकली भी तो अब खाली पेट कॉफी कभी नहीं लेती क्योंकि ऐसा मेरे साथ तब-तब हुआ जब मैंने अधिक गैप के बाद कॉफी पी ली फिर खाना खाया। लगता था जैसे हवा के कुशन पर जा कर खाना इसोफेगस में अटक गया और पेरिस्ताल्टिक मूवमेंट बोलस की हो ही न रही हो।दो बहुत महत्त्व पूर्ण बातें:

1. मैं यह समझ रही थी की मेडिकल हेल्प आने तक हम में से किसी को नहीं पता की करना क्या है इसलिए सबकी की सुनकर कुछ से कुछ करते जाने से बेहतर शांत रहना है, “शांत रहो , चलो, फिर बैठो, पानी थोड़ा-थोड़ा लेकर उल्टी की कोशिश करो” , “दीपिका ने पीछे से आवाज़ दी थी इसे जो समझ आ रहा है करने दीजिए। इसके साथ ऐसा हुआ है पहले भी।”

2. दूसरी यह की मैं लगातार कल्पना कर रही थी की , जब यह स्थिति टल जाएगी सभी आस पास खड़े लोग ज़रा सर पकड़ कर हँसेंगे । मुझे कहेंगे , ” ध्यान रखा करो” औऱ मैं हँसते डरते वापिस अपने क्यूबिकल में काम करने बैठी हूँ। ईश्वर की कृपा से ठीक ऐसा ही हुआ।

प्रज्ञा

तस्वीर साभार : गूगल