जुड़ाव और दुराव

शुरुआत अगर प्रेम की कविताओं से हो तो मेरा मानना है कि इससे अच्छा क्या रहेगा क्योंकि इस भावना के साथ बहुत सारी सकारात्मक ऊर्जा भी आती है ।

अब तक मैंने मानव जीवन के कई सारे पहलुओं को मेरे शब्दों से देखा है, पहली बार एक रोमंटिक श्रृंखला तैयार की जिससे ब्लॉगिंग की शुरुआत कर रही हूँ:

ये छोटी पाँच कविताओं में बुनी गयी है जिसमें आज कल के दौर में होने वाली भावनात्मक रोलरकोस्टर यात्रा भी देखने को मिल सकती है।

जुड़ाव की चार कड़ियाँ , दुराव की एक; कुछ इस प्रकार हैं:

जुड़ाव

दुराव